December 7, 2010

आप लोंगो से बिछड़े हुए ३ महीने हो गये

देवेश प्रताप


क्या कहूँ , क्या लिखूं कुछ समझ नहीं आरहा | आप लोंगो से बिछड़े हुए ३ महीने हो गये | आज ऐसा लग रहा है दोबारा इस ब्लॉग की दुनिया में जन्म हो रहा है | इतने दिनों में ये तो तय था आप सबको बहुत याद किया | पिछले दिनों समय के जाल में कुछ इस तरह फंसा की उससे निकल पाना मुश्किल हो गया | हालाँकि इतने दिनों में बहुत कुछ बदल गया | जन संचारिता की पढाई भी पूरी होगई , कॉलेज से बिदाई लेकर जीवन के दूसरे मोड़ पर आगया हूँ । जहां से ये तय करना है अब जाना कहाँ है | आप सब के आशीर्वाद से एक ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल www.thenews24x7.com में बतौर फोटोजर्नलिस्ट काम मिलगया है | ये सफलता की पहली सीढ़ी जिस पर कदम रखा है | वैसे यहाँ काम करने के बहुत अच्छा लग रहा है | जॉब मिले एक महीना होगया लेकिन वक्त का प़ता न चला | अब देखते हैं आगे आगे ज़िन्दगी कहाँ ले जाती है या फिर हम ज़िन्दगी को कहाँ लजाते हैं | आप लोंगो से ये वादा तो नहीं लेकिन कोशिश ज़रूर करूँगा की रोजाना मुलकात होती रहे |

14 comments:

सम्वेदना के स्वर said...

मैंने तो खोज खबर भी ली..लेकिन पता नहीं चला..बधाई आपको!!कल ऑनलाइन देखा था तो लगा आ गए!! आते रहिये!!

संजय भास्कर said...

एक बेहतरीन अश`आर के साथ पुन: आगमन पर आपका हार्दिक स्वागत है.

संजय भास्कर said...

नौकरी मिलने की बधाई

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

स्वागत .... बहुत बहुत बधाई...... शुभकामनायें....

'उदय' said...

... shubhakaamanaayen !!!

दिगम्बर नासवा said...

बधाई .. नई शुरुआत नई नई खुशियाँ ले कर आये ...

दीपक बाबा said...

बधाई हो, एक नयी शुरुवात जीवन में नयापन लाये.

kunwarji's said...

seaagat hai ji ek baar fir se aapka.....
badhaai aur shubhkaamnaaye swikaaye swikaar kare..
kunwar ji,

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बधाई और शुभकामनायें ...ज़िंदगी के समर में ये युद्ध तो करने पड़ते हैं

शिवम् मिश्रा said...


बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

shikha varshney said...

welcome back..and all the very best .

देवेश प्रताप said...

आप सभी के प्यार और आशीर्वाद के लिए बहुत-बहुत शुकिया

Anonymous said...

आप जिस संस्था में काम कर रहे हैं, उसके बारे में जहाँ कुछ सुखद शब्द आपने लिखे हैं...फिर भी मजबूरी और अच्छे समय के इन्तेज़ार जैसे शब्दों ने मन में कुछ पीड़ा भर दी है |
बरहाल साईं नाथ से कामना है कि आपको जिस अच्छे वक्त का इन्तेज़ार है वो कहीं न कहीं, कभी न कभी आपको ज़रूर मिले....
आशीर्वाद व कुछ वेदना के साथ
आप समझ ही गए होंगे कौन!

डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह said...

bandhu,kaise ho aap?aapke sangharsh ki katha prernadayak hai.abhi kya ho raha hai,films me kuch banaoopendra singh
pratapgarh uphi joojhe hai tab samman mila ,asman ne kadam choome.
sasneh,
dr.bh ya nahi?lage rahiye sab

एक नज़र इधर भी

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